‘सबूतों के साथ रहें’ शीर्षक वाले एक संपादकीय में उन्होंने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहरीकरण, शारीरिक गतिविधि में कमी, अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतें और तनाव जैसे कारकों के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इनसे बचाव के लिए जन जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य नीतियों को लागू करना आवश्यक है। संपादकीय में कहा गया है कि स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और समय पर चिकित्सा जांच जैसे उपायों से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

जीवनशैली से संबंधित बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।
‘सबूतों के साथ रहें’ शीर्षक वाले एक संपादकीय में उन्होंने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहरीकरण, शारीरिक गतिविधि में कमी, अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतें और तनाव जैसे कारकों के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इनसे बचाव के लिए जन जागरूकता बढ़ाना और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य नीतियों को लागू करना आवश्यक है। संपादकीय में कहा गया है कि स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और समय पर चिकित्सा जांच जैसे उपायों से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

