सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है कि सड़कों पर सुरक्षित रूप से चलने का अधिकार प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पैदल यात्रियों के लिए विशेष रूप से चिह्नित और सुव्यवस्थित फुटपाथ होने चाहिए। न्यायालय ने कहा कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा को वाहनों की सुरक्षा से अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह फैसला एक पांच वर्षीय बच्चे के मामले में सुनाया गया, जिसकी ट्रक की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने बच्चे के परिवार को 11 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया। न्यायालय ने केंद्र सरकार को फुटपाथों के प्रबंधन के लिए एक कानूनी प्रणाली बनाने की सलाह दी।

चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है: सर्वोच्च न्यायालय
सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है कि सड़कों पर सुरक्षित रूप से चलने का अधिकार प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पैदल यात्रियों के लिए विशेष रूप से चिह्नित और सुव्यवस्थित फुटपाथ होने चाहिए। न्यायालय ने कहा कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा को वाहनों की सुरक्षा से अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह फैसला एक पांच वर्षीय बच्चे के मामले में सुनाया गया, जिसकी ट्रक की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने बच्चे के परिवार को 11 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया। न्यायालय ने केंद्र सरकार को फुटपाथों के प्रबंधन के लिए एक कानूनी प्रणाली बनाने की सलाह दी।

