राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा बनाए गए डीएनए डेटाबेस में दर्ज नमूनों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। हत्या, यौन उत्पीड़न और अज्ञात शवों की पहचान जैसे मामलों में यह डेटाबेस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने बताया कि डीएनए तकनीक वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ अपराधों की जांच में तेजी लाने में सहायक सिद्ध हुई है। केंद्र सरकार भविष्य में और अधिक राज्यों की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को इससे जोड़ने की योजना बना रही है।

एनसीआरबी डीएनए डेटाबेस में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा बनाए गए डीएनए डेटाबेस में दर्ज नमूनों की संख्या एक लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। हत्या, यौन उत्पीड़न और अज्ञात शवों की पहचान जैसे मामलों में यह डेटाबेस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने बताया कि डीएनए तकनीक वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ अपराधों की जांच में तेजी लाने में सहायक सिद्ध हुई है। केंद्र सरकार भविष्य में और अधिक राज्यों की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं को इससे जोड़ने की योजना बना रही है।

