संपादकीय विश्लेषण में कहा गया है कि चीन केवल आर्थिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रणालियों में भी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के साथ सुरक्षा साझेदारी का विस्तार करके और सैन्य सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर करके वह अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि विश्व राजनीति में अमेरिकी प्रभुत्व के विकल्प के रूप में बहुध्रुवीय व्यवस्था को बढ़ावा देने में चीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन परिवर्तनों का भविष्य के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

सुरक्षा मामलों में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है।
संपादकीय विश्लेषण में कहा गया है कि चीन केवल आर्थिक क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रणालियों में भी अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के देशों के साथ सुरक्षा साझेदारी का विस्तार करके और सैन्य सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर करके वह अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि विश्व राजनीति में अमेरिकी प्रभुत्व के विकल्प के रूप में बहुध्रुवीय व्यवस्था को बढ़ावा देने में चीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इन परिवर्तनों का भविष्य के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

