भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में शुद्ध एफडीआई 6.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले पांच वर्षों में उच्चतम स्तर है। अप्रैल में कुल विदेशी निवेश 15.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 65 प्रतिशत अधिक है। अधिकांश निवेश जापान, सिंगापुर और मॉरीशस से आए। वहीं दूसरी ओर, भारतीय कंपनियों ने भी विदेशों में अपना निवेश बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में निवेश का माहौल सुधर रहा है।

अप्रैल में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़कर 6.6 अरब डॉलर हो गया।
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में शुद्ध एफडीआई 6.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले पांच वर्षों में उच्चतम स्तर है। अप्रैल में कुल विदेशी निवेश 15.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 65 प्रतिशत अधिक है। अधिकांश निवेश जापान, सिंगापुर और मॉरीशस से आए। वहीं दूसरी ओर, भारतीय कंपनियों ने भी विदेशों में अपना निवेश बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत है। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में निवेश का माहौल सुधर रहा है।

