तमिलनाडु में एक रेडियो टैग लगे सफेद पूंछ वाले गिद्ध की बिजली की तार छूने से मौत हो गई, जिससे लुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण को बड़ा झटका लगा है। इस गिद्ध को पहले महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी बाघ अभ्यारण्य में छोड़ा गया था और बाद में इसे मुदुमलाई बाघ अभ्यारण्य में स्थानांतरित कर दिया गया था। वन अधिकारियों ने इस उम्मीद में इसकी निगरानी की थी कि यह अपने नए आवास में ढल जाएगा, लेकिन आसपास के इलाकों में घूमते समय बिजली की तार छूने से इसकी मौत हो गई। इस घटना ने गिद्धों को बंदी प्रजनन कार्यक्रमों के माध्यम से वन्य जीवन में पुनः लाने के प्रयासों को चुनौती दी है। वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में बिजली की तारों को पक्षियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।

रेडियो टैग लगे लुप्तप्राय गिद्ध की बिजली के झटके से मौत हो गई
तमिलनाडु में एक रेडियो टैग लगे सफेद पूंछ वाले गिद्ध की बिजली की तार छूने से मौत हो गई, जिससे लुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण को बड़ा झटका लगा है। इस गिद्ध को पहले महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी बाघ अभ्यारण्य में छोड़ा गया था और बाद में इसे मुदुमलाई बाघ अभ्यारण्य में स्थानांतरित कर दिया गया था। वन अधिकारियों ने इस उम्मीद में इसकी निगरानी की थी कि यह अपने नए आवास में ढल जाएगा, लेकिन आसपास के इलाकों में घूमते समय बिजली की तार छूने से इसकी मौत हो गई। इस घटना ने गिद्धों को बंदी प्रजनन कार्यक्रमों के माध्यम से वन्य जीवन में पुनः लाने के प्रयासों को चुनौती दी है। वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों का सुझाव है कि भविष्य में बिजली की तारों को पक्षियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।

