मणिपुर में हुए जातीय संघर्षों पर आधारित वृत्तचित्र ‘बैटलफील्ड’ को मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन के लिए चुना गया है। बोरुन थोकचोम द्वारा निर्देशित यह फिल्म द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए इम्फाल और कोहिमा युद्धों के प्रभाव और उनके सामाजिक परिणामों को दर्शाती है। 13 वर्षों के शोध के बाद निर्मित इस वृत्तचित्र में यह बताया गया है कि अतीत की घटनाएँ मणिपुर की वर्तमान स्थिति से किस प्रकार जुड़ी हुई हैं। शांति और सद्भाव की आवश्यकता को याद दिलाने वाले इस वृत्तचित्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है।

मणिपुर संघर्ष पर बनी डॉक्यूमेंट्री को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली
मणिपुर में हुए जातीय संघर्षों पर आधारित वृत्तचित्र ‘बैटलफील्ड’ को मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन के लिए चुना गया है। बोरुन थोकचोम द्वारा निर्देशित यह फिल्म द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुए इम्फाल और कोहिमा युद्धों के प्रभाव और उनके सामाजिक परिणामों को दर्शाती है। 13 वर्षों के शोध के बाद निर्मित इस वृत्तचित्र में यह बताया गया है कि अतीत की घटनाएँ मणिपुर की वर्तमान स्थिति से किस प्रकार जुड़ी हुई हैं। शांति और सद्भाव की आवश्यकता को याद दिलाने वाले इस वृत्तचित्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है।

