अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और विदेशी निवेश की निकासी के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 95.85 पर बंद हुआ। पश्चिम एशियाई देशों में तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में वृद्धि को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि आयात लागत में वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

रुपये के मूल्य में आई तीव्र गिरावट चिंताजनक है।
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और विदेशी निवेश की निकासी के कारण रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 95.85 पर बंद हुआ। पश्चिम एशियाई देशों में तनाव और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में वृद्धि को इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि आयात लागत में वृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

