भारतीय स्टार्टअप कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित पृथ्वी अवलोकन प्रणालियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उपग्रहों और ड्रोनों द्वारा एकत्रित डेटा का विश्लेषण करने और कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग करने वाली यह तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए एआई मॉडल विश्व स्तरीय समाधानों को टक्कर देंगे। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र को और भी बढ़ावा दे रही है।

भारत ने एआई आधारित भूमि सर्वेक्षण में एक नया कदम आगे बढ़ाया है।
भारतीय स्टार्टअप कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित पृथ्वी अवलोकन प्रणालियों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उपग्रहों और ड्रोनों द्वारा एकत्रित डेटा का विश्लेषण करने और कृषि, आपदा प्रबंधन और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग करने वाली यह तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए एआई मॉडल विश्व स्तरीय समाधानों को टक्कर देंगे। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र को और भी बढ़ावा दे रही है।

