शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और पुनर्परीक्षाओं जैसी घटनाओं के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सफलता की उच्च अपेक्षाएं, निरंतर प्रतिस्पर्धा और अनिश्चित परिस्थितियां छात्रों को प्रभावित कर रही हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को छात्रों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित योजना, आराम और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से तनाव को कम किया जा सकता है। उनका कहना है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों में परीक्षा का तनाव बढ़ रहा है।
शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं, प्रवेश परीक्षाओं और पुनर्परीक्षाओं जैसी घटनाओं के कारण छात्रों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उनका कहना है कि सफलता की उच्च अपेक्षाएं, निरंतर प्रतिस्पर्धा और अनिश्चित परिस्थितियां छात्रों को प्रभावित कर रही हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को छात्रों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित योजना, आराम और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से तनाव को कम किया जा सकता है। उनका कहना है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

