पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम घटित हुआ है। तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों के एक गुट ने पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को पद से हटाने की घोषणा कर दी है। विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले इस गुट ने एक विशेष बैठक आयोजित कर नई कार्यकारिणी का चुनाव किया। बागी नेताओं ने कहा कि पार्टी के सभी कार्य विधिवत संचालित किए गए हैं और वे इसकी सूचना चुनाव आयोग को भी देंगे। हालांकि, ममता बनर्जी के समर्थकों ने इन कार्रवाइयों को खारिज करते हुए कहा, “ममता के बिना तृणमूल नहीं रहेगी।” 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद शुरू हुए आंतरिक मतभेद अब खुले राजनीतिक संघर्ष में तब्दील हो गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाक्रमों से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।

तृणमूल कांग्रेस में बगावत… बागी गुट ने ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम घटित हुआ है। तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों के एक गुट ने पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को पद से हटाने की घोषणा कर दी है। विपक्ष के नेता ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले इस गुट ने एक विशेष बैठक आयोजित कर नई कार्यकारिणी का चुनाव किया। बागी नेताओं ने कहा कि पार्टी के सभी कार्य विधिवत संचालित किए गए हैं और वे इसकी सूचना चुनाव आयोग को भी देंगे। हालांकि, ममता बनर्जी के समर्थकों ने इन कार्रवाइयों को खारिज करते हुए कहा, “ममता के बिना तृणमूल नहीं रहेगी।” 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद शुरू हुए आंतरिक मतभेद अब खुले राजनीतिक संघर्ष में तब्दील हो गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन घटनाक्रमों से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।

