कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह पर चल रही विशाल विकास परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया है। पर्यावरणविदों को चिंता है कि लगभग 81,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के कारण लाखों पेड़ काटे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित पर्यावरण प्रभाव रिपोर्ट और संरक्षण योजनाएं जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि परियोजना का रणनीतिक महत्व है और इसे संबंधित स्वीकृतियां पहले ही मिल चुकी हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार परियोजना में पारदर्शिता की कमी की आलोचना की।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार द्वीप समूह पर चल रही विशाल विकास परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया है। पर्यावरणविदों को चिंता है कि लगभग 81,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के कारण लाखों पेड़ काटे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना से संबंधित पर्यावरण प्रभाव रिपोर्ट और संरक्षण योजनाएं जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं। हालांकि, सरकार का कहना है कि परियोजना का रणनीतिक महत्व है और इसे संबंधित स्वीकृतियां पहले ही मिल चुकी हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

