केंद्र सरकार घरेलू इस्पात उद्योग को और मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत गुणवत्ता वाले विशेष इस्पात के उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। यह योजना, जिसे उत्पादकता प्रोत्साहन (पीएलआई) नीति के पूरक के रूप में तैयार किया जा रहा है, उद्योग में निवेश बढ़ाएगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। अधिकारियों ने कहा कि सरकार देश को विश्व स्तरीय इस्पात उत्पादन केंद्र बनाने के लिए ये कदम उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से भारतीय इस्पात उद्योग में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता है।

केंद्र सरकार इस्पात क्षेत्र के लिए 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना के लिए तैयार है।
केंद्र सरकार घरेलू इस्पात उद्योग को और मजबूत करने के लिए 5,000 करोड़ रुपये की एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने की योजना बना रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत गुणवत्ता वाले विशेष इस्पात के उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। यह योजना, जिसे उत्पादकता प्रोत्साहन (पीएलआई) नीति के पूरक के रूप में तैयार किया जा रहा है, उद्योग में निवेश बढ़ाएगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। अधिकारियों ने कहा कि सरकार देश को विश्व स्तरीय इस्पात उत्पादन केंद्र बनाने के लिए ये कदम उठा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना के लागू होने से भारतीय इस्पात उद्योग में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता है।

