देश में मई माह में औद्योगिक उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले पांच महीनों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्माण, बिजली उत्पादन, पूंजीगत वस्तुओं और उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में बेहतर वृद्धि के कारण हुई। वहीं, खनन और उत्खनन क्षेत्र में लगातार पांचवें माह नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। सांख्यिकी मंत्रालय ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में कुछ बदलाव किए हैं और अब थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के बजाय उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के आधार पर आंकड़े जारी करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इन बदलावों से विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़ों में संशोधन होने की संभावना है। उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि को घरेलू मांग में मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

औद्योगिक उत्पादन पांच महीनों के उच्चतम स्तर 5.1 प्रतिशत पर पहुंच गया।
देश में मई माह में औद्योगिक उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले पांच महीनों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से विनिर्माण, बिजली उत्पादन, पूंजीगत वस्तुओं और उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में बेहतर वृद्धि के कारण हुई। वहीं, खनन और उत्खनन क्षेत्र में लगातार पांचवें माह नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। सांख्यिकी मंत्रालय ने औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में कुछ बदलाव किए हैं और अब थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के बजाय उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के आधार पर आंकड़े जारी करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इन बदलावों से विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़ों में संशोधन होने की संभावना है। उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में वृद्धि को घरेलू मांग में मजबूती का संकेत माना जा रहा है।

