शेयर बाजार में निवेश को लेकर लोग बच्चों को लेकर काफी सतर्क और चिंतित रहते हैं, लेकिन एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना बच्चों के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित होता है। शेयर बाजार में हमेशा जोखिम बने रहते हैं। माता-पिता के लिए बेहतर है कि वे जोखिम को ध्यान में रखते हुए छोटी रकम से शुरुआत करें और उन जोखिमों पर ध्यान न दें। भारत में पिछले एक दशक में जब भी एसआईपी का नाम लिया जाता था, तो वही पुरानी समस्याएं याद आ जाती थीं, लेकिन अब समय बदल गया है और बड़ी संख्या में लोग एसआईपी से लाभान्वित हो चुके हैं। बेहतर यही होगा कि आप इस बात पर ध्यान दें कि आप बाजार के 1.5 लाख रुपये के जोखिम चाहते हैं या लंबे समय में शानदार रिटर्न। एसबीआई चिल्ड्रन बेनिफिट फंड (निवेश योजना) के बारे में 10 महत्वपूर्ण बिंदु: बच्चों के लिए विशेष: यह एक समाधान-उन्मुख फंड है जिसे विशेष रूप से बच्चों की भविष्य की जरूरतों जैसे उच्च शिक्षा और विवाह को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विविध निवेश: इसमें निवेश की गई राशि शेयर बाजार (इक्विटी) और सुरक्षित बॉन्ड (डेट) दोनों में निवेश की जाती है। लॉक-इन अवधि: इस फंड में निवेश करने के बाद कम से कम 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है या बच्चे के 18 साल का होने तक। अनुशासित बचत: लॉक-इन प्रावधान के कारण, आपात स्थिति में बीच में पैसे निकालने की आवश्यकता के बिना, बच्चे के लिए सुरक्षित रूप से बचत करना संभव है। अच्छा रिटर्न रिकॉर्ड: इस फंड ने पिछले 3 से 5 वर्षों में औसतन 15% से 18% वार्षिक उत्कृष्ट रिटर्न दिया है। मुद्रास्फीति प्रतिरोध: इस फंड का रिटर्न हर साल बढ़ती शिक्षा लागत (शिक्षा मुद्रास्फीति) को पूरा करने में काफी मदद करेगा। छोटी राशि से शुरुआत: आप इसमें न केवल एकमुश्त निवेश कर सकते हैं, बल्कि हर महीने ₹500 या ₹1000 की एसआईपी मोड में भी निवेश कर सकते हैं। बाजार जोखिम नियंत्रण: चूंकि इसमें डेट सेगमेंट में भी निवेश शामिल है, इसलिए शेयर बाजार में गिरावट आने पर निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है। आसान प्रबंधन: एसबीआई के अनुभवी फंड मैनेजर लगातार बाजार की निगरानी करते हैं और इस फंड का प्रबंधन करते हैं। एक उज्ज्वल भविष्य की नींव: कम उम्र से ही इसमें निवेश करने से बच्चों को चक्रवृद्धि ब्याज के बल पर बड़े होने पर एक विशाल निधि जमा करने में मदद मिल सकती है। अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। उपरोक्त पिछला प्रदर्शन केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और भविष्य के प्रतिफल की गारंटी नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव के आधार पर प्रतिफल भिन्न हो सकता है। निवेश करने से पहले, आपको योजना के दस्तावेजों को अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए या अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करके उचित निर्णय लेना चाहिए। यह जानकारी केवल पाठकों की सूचना के लिए प्रकाशित की गई है।

देश भर में लाखों माता-पिता ने अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस कोष को चुना है।
शेयर बाजार में निवेश को लेकर लोग बच्चों को लेकर काफी सतर्क और चिंतित रहते हैं, लेकिन एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करना बच्चों के लिए लंबे समय में बेहद फायदेमंद साबित होता है। शेयर बाजार में हमेशा जोखिम बने रहते हैं। माता-पिता के लिए बेहतर है कि वे जोखिम को ध्यान में रखते हुए छोटी रकम से शुरुआत करें और उन जोखिमों पर ध्यान न दें। भारत में पिछले एक दशक में जब भी एसआईपी का नाम लिया जाता था, तो वही पुरानी समस्याएं याद आ जाती थीं, लेकिन अब समय बदल गया है और बड़ी संख्या में लोग एसआईपी से लाभान्वित हो चुके हैं। बेहतर यही होगा कि आप इस बात पर ध्यान दें कि आप बाजार के 1.5 लाख रुपये के जोखिम चाहते हैं या लंबे समय में शानदार रिटर्न। एसबीआई चिल्ड्रन बेनिफिट फंड (निवेश योजना) के बारे में 10 महत्वपूर्ण बिंदु: बच्चों के लिए विशेष: यह एक समाधान-उन्मुख फंड है जिसे विशेष रूप से बच्चों की भविष्य की जरूरतों जैसे उच्च शिक्षा और विवाह को ध्यान में रखकर बनाया गया है। विविध निवेश: इसमें निवेश की गई राशि शेयर बाजार (इक्विटी) और सुरक्षित बॉन्ड (डेट) दोनों में निवेश की जाती है। लॉक-इन अवधि: इस फंड में निवेश करने के बाद कम से कम 5 साल की लॉक-इन अवधि होती है या बच्चे के 18 साल का होने तक। अनुशासित बचत: लॉक-इन प्रावधान के कारण, आपात स्थिति में बीच में पैसे निकालने की आवश्यकता के बिना, बच्चे के लिए सुरक्षित रूप से बचत करना संभव है। अच्छा रिटर्न रिकॉर्ड: इस फंड ने पिछले 3 से 5 वर्षों में औसतन 15% से 18% वार्षिक उत्कृष्ट रिटर्न दिया है। मुद्रास्फीति प्रतिरोध: इस फंड का रिटर्न हर साल बढ़ती शिक्षा लागत (शिक्षा मुद्रास्फीति) को पूरा करने में काफी मदद करेगा। छोटी राशि से शुरुआत: आप इसमें न केवल एकमुश्त निवेश कर सकते हैं, बल्कि हर महीने ₹500 या ₹1000 की एसआईपी मोड में भी निवेश कर सकते हैं। बाजार जोखिम नियंत्रण: चूंकि इसमें डेट सेगमेंट में भी निवेश शामिल है, इसलिए शेयर बाजार में गिरावट आने पर निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहता है। आसान प्रबंधन: एसबीआई के अनुभवी फंड मैनेजर लगातार बाजार की निगरानी करते हैं और इस फंड का प्रबंधन करते हैं। एक उज्ज्वल भविष्य की नींव: कम उम्र से ही इसमें निवेश करने से बच्चों को चक्रवृद्धि ब्याज के बल पर बड़े होने पर एक विशाल निधि जमा करने में मदद मिल सकती है। अस्वीकरण: म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। उपरोक्त पिछला प्रदर्शन केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और भविष्य के प्रतिफल की गारंटी नहीं है। बाजार में उतार-चढ़ाव के आधार पर प्रतिफल भिन्न हो सकता है। निवेश करने से पहले, आपको योजना के दस्तावेजों को अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए या अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करके उचित निर्णय लेना चाहिए। यह जानकारी केवल पाठकों की सूचना के लिए प्रकाशित की गई है।

