भारतीय कंपनियां 7 अक्टूबर को रिजर्व बैंक के ब्याज दर संबंधी फैसले से पहले ऋण निधि जुटाने की तैयारी में जुटी हैं। आने वाले दिनों में लगभग 29,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी होने की उम्मीद है। इनमें बड़ी कंपनियां, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां, अवसंरचना निवेश ट्रस्ट और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां शामिल हैं। ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका को देखते हुए कंपनियां अपने मौजूदा उधार लागत को स्थिर करने के लिए तेजी से कदम उठा रही हैं।
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