भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे प्रभावशाली और साहसी युवा क्रांतिकारी थे। उन्होंने कम उम्र में ही देश की मुक्ति के लिए अपना प्राणों का बलिदान दिया और आज भी लाखों युवाओं को प्रेरित करते हैं। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को लायलपुर जिले (तत्कालीन पंजाब, अब पाकिस्तान में) के बंगा गांव में विद्यावती किशन सिंह के देशभक्त क्रांतिकारी परिवार में हुआ था। बचपन से ही देशभक्ति की भावना उनमें समाई हुई थी, और 1919 की जलियांवाला बाग की घटना का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा। भगत सिंह ने उस रक्तरंजित भूमि (जलियांवाला बाग) से मिट्टी लाकर ब्रिटिश शासन का अंत करने की प्रतिज्ञा की। ब्रिटिश सरकार ने लाहौर षड्यंत्र मामले के अंतर्गत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को मृत्युदंड दिया। भगत सिंह 23 मार्च, 1931 को मात्र 23 वर्ष की आयु में मुस्कुराते हुए फांसी के तख्ते को चूमते हुए शहीद हो गए। यह कविता भगत सिंह की जयंती, 28 सितंबर को उनकी स्मृति में समर्पित है। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *A* एक शहीद, देश के युवाओं के लिए प्रेरणा, एक वीर पुरुष *M* एक योद्धा जिनका मार्ग क्रांतिकारी था *R* लेखन में क्रांतिकारी प्रकाश के एक विचारक *V* वीरता की सेवा में युवाओं के मार्गदर्शक *Ru* वह जिन्होंने कहा कि बलिदान संपूर्ण ब्रिटिश साम्राज्य है *Do* करो या मरो की नीति में गांधीजी के करीबी *Bh* भारतीय राष्ट्र को गुलामी से मुक्त कराने में और *G* आकाश में भारतीय ध्वज लहराने में *T* वह व्यक्ति जो साहस की भावना के साथ क्रांतिकारी दुनिया में आज भी जीवित है *Sim* एक शेर, भारत माता का प्रिय बालक, जो शेर की तरह दहाड़ रहा है *G* एक देशभक्ति की तोप जो गाती है गीत: स्वतंत्रता, भारत माता का क्रांतिकारी इतिहास, भगत सिंह *जय हिंद* 🌹
సాహితీ
देशभक्ति की तोप भगत सिंह – डॉ. बद्री पीर कुमार