चित्तमुरु मंडल के मल्लाम गांव में स्थित श्री स्वयंभू वल्ली देवसेना समेता सुब्रह्मण्येश्वर स्वामी मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत गुरुवार को वसंतोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भरा रहा और विशेष पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण में एक अलग ही रौनक छा गई। मंदिर के अध्यक्ष कामिरेड्डी मुनिशेखर रेड्डी के मार्गदर्शन में मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों ने पारंपरिक रूप से वसंतोत्सव का संचालन किया। पूर्व सरपंच कामिरेड्डी सुनील रेड्डी ने भी सुब्रह्मण्येश्वर वसंतोत्सव में भाग लिया। सर्वप्रथम उत्सव मूर्तियों की विशेष पूजा एवं अभिषेक की गई, जिसके बाद वैदिक विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच वसंतोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। नवविवाहित जोड़ों के लिए वसंतोत्सव का आयोजन किया गया। वसंतोत्सव के अंतर्गत मंदिर में आए नवविवाहित जोड़ों को भी हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर, दंपति ने भगवान के दर्शन किए और विशेष पूजाओं में भाग लिया। मंदिर की परंपराओं के अनुसार आयोजित इस कार्यक्रम ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तिमय विशेष कार्यक्रम ब्रह्मोत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिदिन आयोजित होने वाली विशेष पूजाओं और उत्सव कार्यक्रमों के अंतर्गत, वसंतोत्सव भी अत्यंत श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। भगवान की उपस्थिति में, वैदिक विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार और शुभ वाद्ययंत्रों के वादन के बीच कार्यक्रम जारी रहने से मंदिर परिसर में एक आध्यात्मिक आभा उत्पन्न हुई। वसंतोत्सव कार्यक्रम देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त एकत्रित हुए। भक्तों ने उत्सव की मूर्तियों के लिए की गई विशेष पूजाओं और नवविवाहित जोड़े पर झरने का जल डालने के कार्यक्रम को उत्सुकतापूर्वक देखा। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत भव्य और आंखों को सुकून देने वाला था। मंदिर प्रशासकों ने कहा कि ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम भक्तों को विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। मंदिर के कर्मचारियों और प्रशासकों ने ऐसी व्यवस्था की थी कि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
