श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर @ पुन्नामी 17 मई। कवि, लेखक, अभिनेता और अर्थशास्त्र शिक्षक के रूप में विख्यात डॉ. बद्री पीर कुमार ने एक और दुर्लभ सम्मान प्राप्त किया है। विश्व साहित्य कलावेदिका द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कविता प्रतियोगिता में डॉ. बद्री पीर कुमार सर्वश्रेष्ठ विजेता बनकर उभरे हैं। विश्व साहित्य कलावेदिका साहित्यिक सेवाओं के माध्यम से यह संदेश देती है कि आप कला के अगुआ हैं और हम आपके सपनों के वारिस हैं। इंटरनेट के माध्यम से एक मंच दिया गया और उपयुक्त कविताएँ आमंत्रित की गईं। पीर कुमार ने जवाब दिया और उनकी भेजी गई कविता “क्या यह यात्रा प्रश्नचिह्नित है?” विजेता बनकर उभरी और उन्हें सर्वश्रेष्ठ कविता के लिए प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ। विश्व साहित्य कलावेदिका की राष्ट्रीय अध्यक्ष कोल्ली रामावती के नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता में पीर कुमार ने अपनी कविता में यह व्यक्त किया कि भौतिक वातावरण… सामाजिक वातावरण… हमारी दुर्दशा का कारण कौन है? हमारे देश का भविष्य क्या है? क्या यह झुग्गी-झोपड़ियों का बचपन है? इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली लगभग तीन सौ कविताओं में से विजेता बनकर उभरे पीर कुमार को बधाई देते हुए, विश्वासहिती कला वेदिका की राष्ट्रीय अध्यक्ष कोल्ली रामावती, महिला अध्यक्ष जी. भवानी (अंजू), संयोजक मोहम्मद रफी, युवा अध्यक्ष पेद्दिनती मुकुंद राव, जंध्याला सरथ बाबू, श्रीपदा सीता महालक्ष्मी, मिट्टिनती सुब्रमण्यम, समन्वय समिति के सदस्य सत्तिवादा श्रीकांत, मंडल गणस्वामी, निर्णायक मंडल के सदस्य और अन्य ने पीर कुमार को बधाई पत्र भेजा। इस अवसर पर पीर कुमार ने कहा कि इस जीत ने उन्हें और अधिक भावपूर्ण रचनाएँ लिखने की जिम्मेदारी दी है।
